कह दूँ अगर….

कह दूँ अगर इक-बात तो नाराज तो न होगे . . .
जाम लेकर हाथों से तो न छलकाओगे ,
अपने अधरों से जिसे तुमने लगाया है ,
उस प्याले की हकीकत तो न भूलोगे ,
कह दूँ अगर…..

आँखो में मैने देखी है, इक अजब सी कशिश,
जो ठहरने न देगी,उस घड़ी तक,
चढ़ चुका है, निशा का पहला पहर,
कह दो तो साथ दूँ ,गन्तव्य तक,
अपने घर का पता तो न भूलोगे ।
कह दूँ अगर…..।।
– आनन्द कुमार

9 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 06/08/2016
  2. sarvajit singh sarvajit singh 07/08/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 07/08/2016
    • आनन्द कुमार ANAND KUMAR 07/08/2016
  4. आनन्द कुमार ANAND KUMAR 07/08/2016
  5. babucm C.m.sharma(babbu) 07/08/2016
    • आनन्द कुमार ANAND KUMAR 07/08/2016
  6. Kajalsoni 07/08/2016
    • आनन्द कुमार ANAND KUMAR 07/08/2016

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