जीने का ठिकाना

जिंदगी को जीने का ठिकाना चाहिए ।
मौत को आने का बहाना चाहिए ।

प्यार में दिल मिल गए इतना काफी नहीं,
प्यार को जताना भी आना चाहिए ।

फूल खुशबू से कहता हवाओं में बह रही,
तुम्हे बस मौसम सुहाना चाहिए ।

जिस्म के तराजू पर प्यार न तोलिये,
दिल को मिलाना भी आना चाहिए ।

सच है प्यार तो क्या करेंगीं दूरियां,
मन की नज़रों को पढना भी आना चाहिए ।

विजय कुमार सिंह
vijaykumarsinghblog.wordpress.com

14 Comments

  1. शीतलेश थुल शीतलेश थुल 06/08/2016
  2. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 06/08/2016
  3. mani mani 06/08/2016
  4. Dr Chhote Lal Singh Dr C L Singh 06/08/2016
  5. babucm babucm 06/08/2016
  6. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 06/08/2016