आँखे

आँखे
एक लड़की जिसकी आँखे ,
सब कुछ बयां करती है ,
खोलती है उसके सारे राज ,
उसकी आँखे सूरज सी तपिश लिए हुए है ,
जो निरंतर प्रकाश बिखेरती है ,
उसकी आँखों से छलकते आंसू ऐसे लगते है मानो,
पर्वत के शिखर से नदी का उद्गम हो रहा हो ,
उसकी आँखों की नमी झील सी लगती है ,
जब वो पलके झुकाती है तो ऐसा लगता है मानो ,
वो चमकदार सूरज तेज लिए हुए उस झील में डूब के अस्त हो गया हो ,
मैं एक पर्यटक की तरह उस नज़ारे का लुत्फ़ उठाता हू I
अगले ही पल जब उसकी पलके उठती है तो , ऐसा प्रतीत होता है
जैसे सूर्योदय से पूर्व कोई सूरज पहाड़ के पीछे से अपनी आभा
बिखेर रहा हो , वो सूरज रूपी आँखे मुझे देखती है और मैं एक
सूर्य भक्त की तरह उसे सूर्य नमस्कार करता हू I
शीतलेश थुल !!

14 Comments

  1. babucm babucm 06/08/2016
    • शीतलेश थुल शीतलेश थुल 06/08/2016
  2. mani mani 06/08/2016
    • शीतलेश थुल शीतलेश थुल 06/08/2016
    • शीतलेश थुल शीतलेश थुल 06/08/2016
  3. Kajalsoni 06/08/2016
    • शीतलेश थुल शीतलेश थुल 06/08/2016
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 06/08/2016
    • शीतलेश थुल शीतलेश थुल 06/08/2016
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 06/08/2016
    • शीतलेश थुल शीतलेश थुल 07/08/2016
  6. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 06/08/2016
    • शीतलेश थुल शीतलेश थुल 07/08/2016

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