“दोस्त ” – – – – काजल सोनी

उम्र बीत गये दोस्त बनाते बनाते ।
सफर कट गये ,
उन्हे निभाते निभाते ।
पर वो दोस्त मेरा कही खो सा गया ,
जो चलता था हर पल ,
मुझे हंसाते हंसाते । ।

याद आता है उसका वो सताना ।
कडवी बातो से ,
मुझको रुलाना ।
बिना बात के ही ,
फिर जोर से हंसाना ।

हर मुश्किलो मे मेरे ,
उसका वो हौसला बढ़ाना ।
गलतिया करके ,
फिर बाद मे पछताना ।

कुछ न कहने पर भी ,
उसका वो समझ जाना ।
पटक पटक कर,
फिर गले लगाना ।

मुझे देखकर ,
उसका दुर से चिल्लाना ।
हर गलतीयो पर मेरे ,
गालियो का बरसाना ।

मेरी मुरझाई ऑखो को देखकर ,
उसका वो कह जाना ।
” तु फिक्र मत कर मै हु न ”
कुछ लब्जो मे ही ,
मेरे हर दर्द दिल की ,
दवा कर जाना ।

वो दर्द भी हसीन था मेरा ,
जो जिंदगी मे आया ।
उस पल मे मैंने ,
तुम्हारे जैसा दोस्त जो पाया । ।

” काजल सोनी ”

23 Comments

  1. शीतलेश थुल शीतलेश थुल 06/08/2016
    • Kajalsoni 06/08/2016
  2. babucm babucm 06/08/2016
    • Kajalsoni 06/08/2016
  3. mani mani 06/08/2016
    • Kajalsoni 06/08/2016
    • Kajalsoni 06/08/2016
  4. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 06/08/2016
    • Kajalsoni 06/08/2016
  5. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 06/08/2016
    • Kajalsoni 06/08/2016
  6. sarvajit singh sarvajit singh 06/08/2016
    • Kajalsoni 06/08/2016
  7. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 06/08/2016
    • Kajalsoni 06/08/2016
  8. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 06/08/2016
    • Kajalsoni 06/08/2016
  9. RAVINDRA KUMAR RAMAN RAVINDRA KUMAR RAMAN 06/08/2016
    • Kajalsoni 06/08/2016
  10. अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 06/08/2016
    • Kajalsoni 06/08/2016
  11. नवीन श्रोत्रिय "उत्कर्ष" नवीन श्रोत्रिय "उत्कर्ष" 12/08/2016

Leave a Reply