सबसे बडा भुत

जब मै छोटा बच्चा था
दादी माँ ने सुनाया जो मुझे
वो भुतो का किस्सा था
मै दिल का कच्चा था
भुतो से डरना तब
मेरे जीवन का इक हिस्सा था
धीरे-धीरे बडा हुआ मै
लगी पता मुझे वास्तविकता
नही है कोई भुतो का अता-पता
भुतो का वो किस्सा केवल किस्सा था
आज के वैंज्ञानिक युग मे
उनका न कोई हिस्सा था
पहली बार मेने जब अखबार खोला था
उसमे छपा किसी हत्या का डिंडोरा था
दूसरे दिन खोला तो
उसमे थी खबर की
बेचारी अबला पर किसी ने
कर दिया तेजाबी हमला था
तीसरे दिन अखबार खोला तो
आतंकवाद का बोलबाला था
रोज-रोज देखकर यह सब
समझ मुझे ये आया था
की भुतो का नाम तो
किसी इंसान ने खराब किया था
क्योकि धरती पर इंसान से बडे भुत ने
जन्म ही नही लिया था।

कृष्ण सैनी

7 Comments

  1. Dr Chhote Lal Singh Dr Chhote Lal Singh 05/08/2016
  2. babucm babucm 05/08/2016
  3. mani mani 05/08/2016
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 05/08/2016
  5. Kajalsoni 05/08/2016
  6. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 05/08/2016

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