बस बन गए सवाल

ये कैसा देश है ?
जंहा सिर्फ भेष है
ढीला है पायजामा
तो कुत्ता विशेष है

ये कैसी बस्ती है ?
जहाँ सिर्फ मस्ती है
कोई मगन है कही
तो बेईमानी सस्ती है

ये कैसे रक्षक है ?
बने जो भक्षक है
चूसते है खून अपना ही
औ कहते हम तो “तक्षक” है

अभिनय शुक्ला…………

10 Comments

  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 05/08/2016
    • अभिनय शुक्ला अभिनय शुक्ला 05/08/2016
  2. C.M. Sharma babucm 05/08/2016
    • अभिनय शुक्ला अभिनय शुक्ला 05/08/2016
  3. mani mani 05/08/2016
    • अभिनय शुक्ला अभिनय शुक्ला 05/08/2016
  4. Kajalsoni 05/08/2016
    • अभिनय शुक्ला अभिनय शुक्ला 05/08/2016
    • अभिनय शुक्ला अभिनय शुक्ला 05/08/2016

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