हुनर सीखें

बहुत मुश्किल हैं ये राहें अदावत का हुनर सीखें,
निगाहें बंद कर लें फ़िर इबादत का हुनर सीखें l

कि जुमले बोल लेने से वफ़ा पूरी नहीं होती,
वफाओं को निभाने की रवायत का हुनर सीखें l

दिलों की बात लफ्जों में बयां होती नहीं हमदम,
लिखी आंखों में है जो उस इबारत का हुनर सीखें l

जिन्हें वादे भी करने हैं मुकर जाना भी है वो सब,
सियासतदां कोई ढूढे सियासत का हुनर सीखें l

ये तूफां अब नहीं काबिल इसे ये मशवरा दो कि,
मेरे महबूब से जाकर क़यामत का हुनर सीखे l

ये दुनिया है बदस्तूरी, मुहब्बत की ये दुश्मन है,
मुहब्बत जिनको करनी है,बगावत का हुनर सीखें l

मेरी कश्ती में ऐ “सागर” बहुत तूफान बैठे हैं,
मौजों से कहो इससे हिफाजत का हुनर सीखें ll

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-Er Anand Sagar Pandey

4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 04/08/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 04/08/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 04/08/2016

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