आखिर क्यों

इंसान चाह कर भी कुछ नहीं करता
देखकर अंधा सूनकर बहरा
और पैर रहते लंगड़ा बन जाता है
आखिर क्यों ?
क्या इंसानियत मर गई
मानवता का विलय हो गया
या अपनी संस्कृति की छाप
सदा के लिए मिटकर सिमटगया।
अस्तित्व के लिए लड़कर मर नहीं सकता
पर क्या करे आदत सी बन गई
इस तरह से जीनें और घूॅट-घूॅटकर
पीस-पीस कर मरने की।
सहन करने की शक्ति वर्तमान है
अपना सब कुछ देकर
अपने दिल पर पत्थर रखकर
कठोर से कठोर भुगतने के लिए सजा
हमेशा तैयार है।
गमों से चूर बड़ी मजबूर
क्या यही इंसान और इंसानियत की पहचान है
अपने तरफ से दिया हुआ ये दान
क्या आध्यात्मिक-धार्मिक ज्ञान हैं।
इन सबों कि कहानी मार्मिक हैं
सत्य – अहिंसा और न्याय पर चलते हैं
दो सुखी रोटी खा कर धरती पर पलते हैं।
दूसरी तरफ हैवान
अपने आप को मानते हैं भगवान
क्या आप इन्हें जानते हैं
अच्छी तरह पहचानते होंगे।
अपने स्वार्थ के लिएए कुछ भी कर सकता
दुसरे के खेत बडे़ आराम सेे जोत-चर सकता
पाप-द्वेष-मद-लोभ-हिंसा इनकी पुंजी है
असत्य काम-क्रोध अनीति ही इनकी कॅुजी है।
वाह रे अंधेर नगरी चैपट राजा
कहीं रावन तो कहीं कंश
कूटनीति वाली कलियुग तुम कितना महान है
तेरे युग में राम एक कोने मेें चुपचाप बैठा हैं
आखिर क्यों ?

बी पी शर्मा बिन्दु

Writer Bindeshwar Prasad Sharma (Bindu)
D/O Birth 10.10.1963
Shivpuri jamuni chack Barh RS Patna (Bihar)
Pin Code 803214

14 Comments

  1. mani mani 04/08/2016
  2. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 04/08/2016
  3. Dr Chhote Lal Singh Dr Chhote Lal Singh 04/08/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 04/08/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 04/08/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 04/08/2016
  5. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 04/08/2016
  6. Kajalsoni 04/08/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 04/08/2016
  7. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 04/08/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 04/08/2016
  8. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 04/08/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 04/08/2016

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