दोहे

ढ़ोंगी धोखा दे गया धरम में गया फंसाय
आॅख रहते अंधा हुआ लंगड़ा गया बनाय।

कारण का है जानिये निर्बल रहा है मौन
गदहे घोड़े बन गए धोबी रहा है गौण।

स्वारथ में अब ऐसे वहे जैसे वहे गंग धार
घोटाले पर हवाला का होता नइया पार।

भाषण में भगवान है बनते शासन में शैतान
मीठी बात वो ऐसी करे जैसे बन गये राम।

शासन में मर्जी अपनी अब जैसे – तैसे काम
तनिक नहीं ड़र मन में क्या होता अपमान।

छण में रंग बदलते ऐसे जिधर देखते पैसे
भाई की हत्या कर देते दुर्जन जान के जैसे।

सतयुग.द्वापर.त्रेता की अब बात करे न कोय
रावण.दुशासन बन गये कलियुग में सब खोय।

असहाय बेचारा क्या करे मनही मन पछताय
मेहनत-मजदूरी कर के अब सूखी रोटी खाय।

बी पी शर्मा बिन्दु

Writer Bindeshwar Prasad Sharma (Bindu)
D/O Birth 10.10.1963
Shivpuri jamuni chack Barh RS Patna (Bihar)
Pin Code 803214

11 Comments

  1. mani mani 04/08/2016
  2. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 04/08/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 04/08/2016
  4. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 04/08/2016
  5. Kajalsoni 04/08/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 04/08/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 04/08/2016
  6. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 04/08/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 04/08/2016
  7. babucm C.m.sharma(babbu) 04/08/2016

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