मै कभी डरता नहीं …

बहुत गम है पर दिखाने से डरता हूँ ।
अगर खुशी मिली तो जताने से डरता हूँ ।।

अच्छे पलों को याद करके बुरे पलों से डरता हूँ ।
बुरे पल याद आते है तो यादों से ही डरता हूँ ।।

बहुत कुछ मन में है पर कहने से डरता हूँ ।
और कहे बिना रहता हूँ तो खामोशी से डरता हूँ ।।

जब नींद नहीं आती तब जगने से डरता हूँ ।
अगर नींद आई भी तो सोने से डरता हूँ ।।

जब सोता हूँ तो सपने देखने से डरता हूँ ।
अगर सपने देखता हूँ तो वह टूटने से डरता हूँ ।।

बहुत कुछ लिखना है पर न जाने किससे डरता हूँ ।
जब लिखना शुरू करता हूँ तो लब्जों से डरता हूँ ।।

जिंदगी के बारे में बहुत कुछ जानता हूँ ।
फिर भी मरने से नहीं बल्कि जीने से डरता हूँ ।।

15 Comments

  1. mani mani 04/08/2016
    • M Sarvadnya M Sarvadnya 07/08/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 04/08/2016
    • M Sarvadnya M Sarvadnya 07/08/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 07/08/2016
    • M Sarvadnya M Sarvadnya 10/08/2016
  4. M Sarvadnya M Sarvadnya 10/08/2016
  5. C.M. Sharma babucm 10/08/2016
    • M Sarvadnya M Sarvadnya 12/08/2016
      • C.M. Sharma babucm 12/08/2016
        • M Sarvadnya M Sarvadnya 12/08/2016
  6. Rushikesh 14/12/2016
    • M Sarvadnya M Sarvadnya 14/12/2016
  7. Deepali 14/12/2016
    • M Sarvadnya M Sarvadnya 14/12/2016

Leave a Reply