” नादान दिल ” ———काजल सोनी

ऐ मेरे नादान दिल ,
तु है क्यू इतना परेशान ।
खुशिया कम है ,
जिदंगी मे तेरे ,
और है बहुत अरमान ।

रो रो कर ,
ऑसु बहाता क्यु है ,
क्यू है इतना हैरान ।
ऑसुओ मे ख्वाब सभी बह जाते ,
न होता कुछ भी आसान ।

तू उससे मोहब्बत न कर ,
ऊँचे महलो मे ,
मोहब्बत नही,
होती है बस उनकी शान ।

यहाँ कई चेहरे है ,
एक शख्स के ,
तू है जिनसे अनजान ।
गम मे तो तेरे ,
भीड़ नही ,
पर देख ,
खुशिया मे मिलते है इंसान । ।

“काजल सोनी ”

28 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 05/08/2016
    • Kajalsoni 05/08/2016
  2. mani mani 05/08/2016
    • Kajalsoni 05/08/2016
  3. Er Anand Sagar Pandey 05/08/2016
    • Kajalsoni 05/08/2016
  4. RAVINDRA KUMAR RAMAN RAVINDRA KUMAR RAMAN 05/08/2016
    • Kajalsoni 05/08/2016
  5. babucm babucm 05/08/2016
    • Kajalsoni 05/08/2016
  6. पियुष राज Piyush Raj 05/08/2016
    • Kajalsoni 05/08/2016
  7. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 05/08/2016
    • Kajalsoni 05/08/2016
    • Kajalsoni 05/08/2016
  8. शीतलेश थुल शीतलेश थुल 05/08/2016
    • Kajalsoni 05/08/2016
  9. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 05/08/2016
    • Kajalsoni 05/08/2016
  10. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 05/08/2016
  11. Kajalsoni 05/08/2016
  12. sarvajit singh sarvajit singh 05/08/2016
  13. Kajalsoni 05/08/2016
  14. अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 05/08/2016
  15. Kajalsoni 05/08/2016
    • kiran kapur gulati kiran kapur gulati 06/08/2016
      • Kajalsoni 06/08/2016

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