“वो फुल मेरा ” ——काजल सोनी

वो फुल मेरा बिखर गया,
किसी के ऑगन मे ।
था छोड़ा जिसे मैंने ,
किसी के दामन मे ।

बड़े प्यार से था जिसे सम्भाला,
खूब दुलारा,
बेटा बना कर पाला ,
अरमानो से सींचा उसे ,
प्रेम का दिया निवाला ।
जब भी जाता था दुर उससे,
कहती थी,
पापा जल्दी आना ,
मेरे लिए गुड़िया लाना ।
ध्यान रखना अपना,
मम्मी से न डांट सुनना ।
थका हुआ मै जब भी आता,
पानी लाकर कहती ,
पापा खालो खाना ।
वो शब्द न सुन सकुगा ,
अब इस जीवन मे ।
वो फुल मेरा बिखर गया ,
किसी के ऑगन मे ।

सोचा था,
किसी घर की रानी बनेगी,
न जान सका ,
दहेज की कुर्बानी बनेगी ।
कितना मजबूर था मै ,
जिदंगी दे कर भी ,
खुशिया उसको दे न सका ।
कोशिश की थी मगर कमा न सका ।
जिस कांधो पे खेलाया उसे ,
उसी कांधो पर ले कर चला ।
दहेज की आग मे जलते देखा ,
कल जिस फुल को ,
मेरे ऑगन मे मुस्काते देखा ।
रौंद गये वे सभी,
मेरे नाजुक से उस फुल को ,
रो रहा था मै भी,
अपनी उस भुल को ।
बस गयी थी जो मेरे धड़कन मे ,
वो फुल मेरा बिखर गया,
किसी के ऑगन मे । ।

“काजल सोनी ”

27 Comments

    • Kajalsoni 03/08/2016
  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/08/2016
    • Kajalsoni 03/08/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 03/08/2016
    • Kajalsoni 03/08/2016
    • Kajalsoni 03/08/2016
  3. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 03/08/2016
    • Kajalsoni 03/08/2016
  4. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 03/08/2016
    • Kajalsoni 03/08/2016
  5. Kajalsoni 03/08/2016
  6. अभिनय शुक्ला अभिनय शुक्ला 03/08/2016
    • Kajalsoni 03/08/2016
      • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 03/08/2016
        • Kajalsoni 03/08/2016
  7. mani mani 03/08/2016
    • Kajalsoni 03/08/2016
  8. sarvajit singh sarvajit singh 03/08/2016
    • Kajalsoni 03/08/2016
  9. ALKA ALKA 03/08/2016
    • Kajalsoni 03/08/2016
    • Kajalsoni 04/08/2016
  10. C.M. Sharma C.m.sharma(babbu) 04/08/2016
  11. Kajalsoni 05/08/2016

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