हरा ज़ख़्म ।

दिल का ज़ख़्म हरा ऊपर से, नीम-तानों का तड़का..!
अरमानों को आग लगा के, पूछते हो, `कैसे हो भला ?`

हरा ज़ख़्म = ताज़ा घाव;
नीम-ताना = कड़वा कटाक्ष;
तड़का = बघार;
मार्कण्ड दवे । दिनांकः २९ जुलाई २०१६.

HARA ZAKHM

10 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/08/2016
    • Markand Dave Markand Dave 04/08/2016
  2. mani mani 03/08/2016
    • Markand Dave Markand Dave 04/08/2016
    • Markand Dave Markand Dave 04/08/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 03/08/2016
    • Markand Dave Markand Dave 04/08/2016
  4. babucm C.m.sharma(babbu) 04/08/2016
    • Markand Dave Markand Dave 05/08/2016

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