शायरीः”नूर-ए-दीदार”

पिय को अपने प्रेम की चाहत है,
मेरे यार को मेरे
इन्तजार की चाहत है ।

साअत (घड़ी) आ चुकी है,
प्रेम मिलन की,
मुझे मेरे “नूर-ए-दीदार”
की चाहत है ।।
– आनन्द कुमार

10 Comments

  1. सोनित 02/08/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 02/08/2016
    • आनन्द कुमार ANAND KUMAR 03/08/2016
      • kiran kapur gulati kiran kapur gulati 03/08/2016
  3. आनन्द कुमार ANAND KUMAR 03/08/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 03/08/2016
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/08/2016
  6. mani mani 03/08/2016
  7. C.M. Sharma C.m.sharma(babbu) 03/08/2016

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