प्रार्थना

Through this poem, I pray to God to come on the earth and remove the evils..
“भगवान को अब फिर से इस धरती पर आना होगा,
इंसान भेष में छिपे भेड़ियों को मार भगाना होगा।
अपमानित होती है स्त्रियां आज भी भरे बाज़ार में,
लुटती है लाज उनकी इन कौरवों के राज में,
कृष्ण रूप में आकर फिर से उनकी लाज बचाना होगा।
भगवान को अब फिर से इस धरती पर आना होगा,
इंसान भेष में छिपे भेड़ियों को मार भगाना होगा।
चोरी डकैती और लूटमार से त्रस्त हुआ संसार है,
हत्याकांड, नफरत और आतंक का रावणराज है,
रामरूप में आकर फिर से इस संसार को मुक्त कराना होगा।
भगवान को अब फिर से इस धरती पर आना होगा,
इंसान भेष में छिपे भेड़ियों को मार भगाना होगा।
इंसान के खून से होली ख़ेल रहा हैवांन है,
इंसानी रूप में राक्षसों से भरा हुआ संसार है,
दुर्गा रूप में आकर फिर से इन राक्षसों को मार भगाना होगा।
भगवान को अब फिर से इस धरती पर आना होगा,
इंसान भेष में छिपे भेड़ियों को मार भगाना होगा।”
By:Dr Swati Gupta

15 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 02/08/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 03/08/2016
  2. mani mani 02/08/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 03/08/2016
  3. sarvajit singh sarvajit singh 02/08/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 03/08/2016
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 02/08/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 03/08/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 03/08/2016
  5. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 03/08/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 03/08/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 03/08/2016
  6. C.M. Sharma C.m.sharma(babbu) 03/08/2016

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