शर्म करो ! अब शर्म करो !

शर्म करो ! अब शर्म करो !
अब बस भी ये अधर्म करो !

एक माँ ने तुम्हे जन्म दिया,
वह भी नारी का ही रूप है,
जिस बहन ने तुम्हे रक्षा बाँधी,
वह भी अबला का स्वरुप है,
जिस बेटी ने तुझसे जन्म लिया,
नारी में तेरा ही अपरूप है,

शर्म करो ! अब शर्म करो !
अब बस भी ये अधर्म करो !

अबला की अस्मत लूट रहे,
किस पुरुषार्थ को चरितार्थ किया,
दूसरों की बहू-बेटियों संग,
किस चरित्र का निर्वाह किया,
तेरे घर की इज्जत भी नारी है,
उसकी अस्मत को तार-तार किया,

शर्म करो ! अब शर्म करो !
अब बस भी ये अधर्म करो !

रोके न रुकेगा क़ानून से यह,
मन की नजरें जब साफ़ न हों,
प्रसासन भी क्या करेगा तब,
जब पुरुषार्थ में उसके ताप न हो,
राजनीति भी क्या करेगी जब,
राजनेता की नीयत ही साफ़ न हो,

शर्म करो ! अब शर्म करो !
अब बस भी ये अधर्म करो !

है मूल में जो इसके बात छिपी,
शिक्षा का केंद्र प्रदूषित है,
जो सीख न सके परिवार से कुछ,
अभिभावक ज्ञान भी दूषित है,
है खुली छूट इन्टरनेट की,
यह अधर्म इसी से पोषित है,

शर्म करो ! अब शर्म करो !
अब बस भी ये अधर्म करो !

विजय कुमार सिंह
vijaykumarsinghblog.wordpress.com

28 Comments

  1. mani mani 02/08/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 02/08/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 02/08/2016
  4. Kajalsoni 02/08/2016
  5. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 02/08/2016
  6. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 02/08/2016
  7. ALKA ALKA 02/08/2016
  8. अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 02/08/2016
  9. sarvajit singh sarvajit singh 02/08/2016
  10. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 03/08/2016
  11. C.M. Sharma C.m.sharma(babbu) 03/08/2016
  12. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 27/08/2016
  13. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 25/04/2017

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