अबला

चरित्रहीन
किसने बनाया?
और कौन है
जिसने बाध्य किया
बेहया बनने को ।
शायद !
अकेली मैं
जिम्मेदार नहीं ।
फिर क्यों
मरते दम तक धोती रहूँ
अपने चरित्र के दाग को
साथ-साथ ।
पत्थर दिल समाज
आखिर कब तक
ढाता रहेगा जुर्म
अबला पर
अपना गुनाह छुपाकर !
तिल-तिल
मरती रहूँ मैं
और पुरुषवादी समाज
विवश करता रहे
कुकर्मों के दलदल में
पुन: धकेलने को ।
और बस
मैं ही क्यों
गुजरती रहूँ
अग्निपरीक्षा से
हर बार !

13 Comments

  1. mani mani 02/08/2016
  2. Kajalsoni 02/08/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 02/08/2016
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 02/08/2016
  5. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 02/08/2016
  6. ALKA ALKA 02/08/2016
  7. RAVINDRA KUMAR RAMAN RAVINDRA KUMAR 02/08/2016
  8. अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 02/08/2016
  9. C.M. Sharma C.m.sharma(babbu) 03/08/2016

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