‘मेरी आँखों का रंग’_अरुण कुमार तिवारी

लोग कहते हैं,
माँ मेरी आँखों का रंग,
तुझ सा ही तो है|
लोग कहते हैं….

पलकों का गिरना और उठना,
मेरी मुस्कान और उसकी गहराई|
उनमे बसे सपनें और उनका लुटना,
उजड़ी नींदें और उनकी परछाई|
माँ मेरी बातों का ढंग तुझ सा ही तो है,,

लोग कहते हैं,
माँ मेरी आँखों का रंग….

तेरे केश और उनका घुंघरालापन,
तेरी चिंताओं से घिरीं जुड़ी माया|
जलती तपती व्रत में मेरी कुशलता को,
बेजान होकर झुर्रियों से ,लड़ती तेरी काया|
माँ मेरी साँसों का द्वन्द तुझ सा ही तो है,,

लोग कहते हैं…
माँ मेरी आँखों का रंग…..

तेरे रोम रोम में छिपी मेरी कुशलता,
दर दर लोगों की खुशामद में तेरा झूठे हंसना|
वो विकराल होता काल का वार प्रहार,
समाज की कसौटी पे तेरा अनचाहे कसना|
माँ मेरी रातों का क्रंद तुझ सा ही तो है,,

लोग कहते हैं
माँ मेरी आँखों का रंग….

पर सच है कई रंग अब बदल चले हैं,
तेरा समर्पण तेरी तृष्णा तेरी मधुरता|
सह कर सहजता से तेरे विषपान की कला,
छिपाए अश्रु अधर बांधे वो सजलता|
ये एक भी रंग अब मुझमे नहीं,
मैं बस मैं हूँ अब तुझमे नहीं!!
मैं बस मैं हूँ…अब तुझमे नहीं।
माँ अब इन आँखों का रंग तुझ सा नहीं,

लोग झूठ कहते हैं
कि ,
माँ मेरी आँखों का रंग तुझ सा ही तो है!
माँ मेरी आँखों का रंग… तुझ सा ही तो है|….

-‘अरुण’
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15 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 01/08/2016
    • अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 01/08/2016
  2. sarvajit singh sarvajit singh 02/08/2016
    • अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 02/08/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 02/08/2016
    • अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 02/08/2016
  4. mani mani 02/08/2016
    • अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 02/08/2016
    • अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 02/08/2016
  5. Kajalsoni 02/08/2016
    • अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 02/08/2016
  6. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 02/08/2016
    • अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 02/08/2016
  7. babucm C.m.sharma(babbu) 03/08/2016

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