याद रखा है मैंने ………………….( ग़ज़ल )

हर ख़ुशी हर एक गम में, तुझे याद रखा है मैंने !
तेरी यादो का गुलशन, सदा आबाद रखा है मैंने !!

जरुरी नहीं कि वफ़ा के बदले वफ़ा हो हासिल, !
वादा वफ़ा निभाने का अपना याद रखा है मैंने !!

हर एक खौफ से डरना, अब छोड़ दिया है मैंने !
तेरे जाने के बाद, खुद को आबाद रखा है मैंने !!

शुक्र मानो की तुम्हे अभी तक नकारा नही दिल ने !
साँसों में शालिम आज भी आजाद रखा है मैंने !!

नजरे झुका लेना फकत इलाज़ नही भुला देने का !
तुझे खुदा से की गयी पहली फ़रियाद रखा है मैंने !!

चन्द लफ्ज़ कहे थे तुमने “धर्म” की शान में कभी !
उस पाक नेमत को समझ के जायदाद रखा है मैंने !!
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डी. के. निवातियाँ ______________@

22 Comments

  1. babucm babucm 06/08/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 06/08/2016
    • babucm babucm 06/08/2016
      • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 06/08/2016
  3. mani mani 06/08/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 06/08/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 06/08/2016
  4. sarvajit singh sarvajit singh 06/08/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 06/08/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 06/08/2016
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 06/08/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 06/08/2016
  6. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 06/08/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 06/08/2016
  7. आनन्द कुमार ANAND KUMAR 06/08/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 06/08/2016
  8. Kajalsoni 06/08/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 06/08/2016
      • kiran kapur gulati kiran kapur gulati 07/08/2016
        • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 07/08/2016

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