पलक ।

रब ने पूछा मुझ से,`बता, ज़िंदगी की तफ़सीर क्या है ?`
मैंने कहा,` दो मौत के बीच, कुछ पलकें झपकाना..!`

तफ़सीर = व्याख्या,परिभाषा;
पलक झपकाना = आँखे झपकना;

मार्कण्ड दवे । दिनांकः ३१ जुलाई २०१६.

PALAK

4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/08/2016
    • Markand Dave Markand Dave 02/08/2016
    • Markand Dave Markand Dave 02/08/2016

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