औघड़दानी

भोले बाबा जटाधरी शिव शंकर निराला
बाघंबर पहिरे बाबा पहिरे मृग की छाला।

तूॅ भूतनाथ.बेद्यनाथ बद्री.केदारनाथ
पशुपतिनाथ नाथों के नाथ कैलाशनाथ।

तूॅ नागपति.उमापति भूपति.गणपति
चन्द्रपति.गंगपति तूॅ देवो के देवपति।

देह भभूत रूद्रमाल.मृंणाल कर डमरू त्रिशुलधारी
चन्द्र.ललाट जट गंग धार बसहा बैल सवारी।

बिच्छू.सर्प संग.उमंग भंग.रंग मझारी
भूत.पिसाच सब दास पास उल्लास बड़भारी।

उपकारी.हितकारी औधडदानी बाबा त्रिपुरारीे
करूणनिधान. त्रिनेत्र महेश.दिनेश मंगलकारी।

टूटी टाट सेे बनी मडय्या में रहते हंै गिरिधारी
पशु.पंक्षी दानव.मानव सब के तुम हितकारी।

कृपानिधान सिंध.सागर संसार के सार तुम ही हो
हे नीलकण्ठ ऋषिकेश दयानिधि चमत्कार तुम ही हो।

डूबती नैय्या पार लगाना हे दीनदयाल त्रिम्बेकेेश्वर
थोड़ी दया हम पर भी करना हे बाबा धृशनेश्वर।

बी पी शर्मा बिन्दु

Writer Bindeshwar Prasad Sharma (Bindu)
D/O Birth 10.10.1963
Shivpuri jamuni chack Barh RS Patna (Bihar)
Pin Code 803214

10 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 01/08/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 01/08/2016
  2. babucm babucm 01/08/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 01/08/2016
  3. Kajalsoni 01/08/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 01/08/2016
  4. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 01/08/2016
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/08/2016
  6. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 01/08/2016

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