नशा……………२

नशा शराब का हो तो दिमाग के पट खोलता है
दिल मे दबे राजो को बडी आसानी से खोलता है
जुटा नही सकता जो हिमम्त दो लफ़्ज कहने की
वो बुजदिल भी फिर बडी बेबाकी से बोलता है ।।



डी. के. निवातियॉ_______@

24 Comments

  1. sarvajit singh sarvajit singh 02/08/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 02/08/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 02/08/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 02/08/2016
  3. mani mani 02/08/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 02/08/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 02/08/2016
  4. Kajalsoni 02/08/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 02/08/2016
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 02/08/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 02/08/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 02/08/2016
  6. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 02/08/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 02/08/2016
  7. ALKA ALKA 02/08/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 02/08/2016
  8. C.M. Sharma C.m.sharma(babbu) 03/08/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 03/08/2016

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