महती भूमिका – शिशिर मधुकर

बलात्कार पर आज मैंने रचना एक पढी
जिसमे कहा गया सजा कर दो तुम कड़ी
इससे मन में पैदा होगा कुकर्मियों के डर
फ़िर नोच न पाएगा कोई बुलबुलों के पर
कुछ हद तक तो ये सभी सुझाव हैं उत्तम
पर इससे व्याभिचार कभी ना होगा कम
जब तक सर्व शिक्षा में संस्कार ना होगा
उत्कृष्ट चरित्र का यहाँ निर्माण ना होगा
धर्म निभा सकता हैं इसमें महती भूमिका
बस स्त्री को उपभोग वो ना बनने दें यहाँ
जब नारी का बचपन से सभी मान करेंगे
सभी लोग फ़िर कोई ना बुरा काम करेंगे

शिशिर मधुकर

12 Comments

    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/08/2016
  1. C.M. Sharma C.m.sharma(babbu) 31/07/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/08/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 31/07/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/08/2016
  3. sarvajit singh sarvajit singh 31/07/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/08/2016
  4. mani mani 01/08/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/08/2016
  5. Arun Kant Shukla Arun Kant Shukla 01/08/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/08/2016

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