रिमझिम सी फुहार

शब्द-युग्म मुक्तक
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तन-मन में आग लगाये ये रिमझिम सी फुहार
काम – काज को छोड कर बताओ कोई उपचार
साजन तुम बिन छूटा सुख-चैन दिल भी है उदास
सावन – भादों में तरसते नैना साजन सुनो पुकार
अभिषेक शर्मा “अभि”
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8 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 31/07/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 31/07/2016
  3. sarvajit singh sarvajit singh 31/07/2016
  4. mani mani 01/08/2016
  5. babucm babucm 01/08/2016

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