ऐसी मेरी बहना

वो सुबह-शाम घर की जलती दीया
रौशन कर रहा घर को मेरी बहना“सिया”
नजाकत से सम्भाली है रिश्तों को टूटने से
कभी उसने रिश्तों में दरार न पड़ने दिया

नयी-नयी कोंपल सी उसमें है कोमलता
हैं ओझल नज़रों से मेरी बहना “ममता”
सूना-सूना सा लगता है घर उनके बिन
उसके आने से घर है चहकता -महकता

“कुसुम” की खुशबू से महकती है
मेरे घर के हर कोना-कोना
है थोड़ी सांवली सलोनी क्या कहना
झलकती है सादगी ऐसी मेरी बहना

मधु की झरना धरा पर,है मधुनिशा
मनभावन गुलज़ार वो है पुष्प वाटिका
है रातरानी मेरी प्यारी बहना “नीरा”
कुदरत की रौनक रहें,वो न हो कभी वीरां

जिसके नूर से धरती की
एक दिन दूर होगी कालिमा
दूर गगन में चमकती “रेवती”
है “दुष्यंत”की प्यारी बहना

चंचल-चपला मन वो है चुलबुली
वो रंग-बिरंग सी जैसी कोई तितली
पुरवा संग झूमने वो गीत गाने चली
थोड़ी मनचली है प्यारी बहना “बबली”

दीप सजे आँगन में जब आये “देविका”
गायें पुरवा प्रणय राग,हो चांदनी निशा
सोंधी माटी करे उनकी पैरों को चुम्बन
है रूमानी बहारों जैसी मेरी प्यारी बहन

जूही लहके धरती महके हुआ बसंत आगमन
तेरे आने से चहक-महक उठा है घर आंगन
दुनिया में खूबसूरत हैं भाई-बहन का बंधन
“हिमांशी” बहना तेरी बातें सबकी भाति है मन

वो मेरी लाड़ली बहना सबसे प्यारी
वो हैं नन्हीं सी जैसी हो कोई परी
खिल खिलाती वो खुशियों की रवानी
वो चंचल सयानी मेरी बहना “हिमानी”

कवि :-दुष्यंत कुमार पटेल”चित्रांश”

14 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 30/07/2016
  2. Kajalsoni 30/07/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 30/07/2016
  4. mani mani 30/07/2016
  5. Dushyantpatel 30/07/2016
  6. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 30/07/2016
  7. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 30/07/2016
  8. Dushyantpatel 30/07/2016
  9. Dushyantpatel 30/07/2016
  10. Dushyantpatel 30/07/2016
  11. अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 30/07/2016
  12. Dushyantpatel 31/07/2016

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