कैसे दिखाई दे….

मेरे आँख मे वो मंजर कैसे दिखाई दे।
खुदा के घर से आया हूँ कहो कैसे सफाई दे।

वही मंदिर मे बसता है वही मस्जीद मे बसता है,
जो तेरे खोट है दिल मे तुझे कैसे दिखाई दे।

रगो मे दौङते रहने का मतलब नही साहेब,
जब तक आँख मे न आए लहू कैसे दिखाई दे।

बङी सुन्दर सी थी कल आज लूटी खुद के हाथो से,
फिर सोने की चिङीया सी भारत कैसे दिखाई दे।

अगर सवाल न छेङू तो सब अपाहिज से दिखते है,
जो उनके आग है दिल मे वो कैसे दिखाई दे।IMG_20160724_013121

ऋषभ पाण्डेय “राज”

5 Comments

  1. babucm C.m.sharma(babbu) 26/07/2016
    • babucm c m sharma 26/07/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 27/07/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप rishabh 27/07/2016
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 27/07/2016

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