बकरा नहीं कसाई है

बकरा कसाई से बोला
मुझे मत मारो
मैं भी कसाई था
पूर्व जन्म की सारी बात मुझे याद है
अब बकरा हूॅ
सोचो
तुम्हारे पास कटने के लिए आ गया
क्या तुम मुझे बख्सोगे
बकरे की आखॅ भर आई
कसाई कुछ सोचा
और ठहाके मारकर हंस पड़ा
बोला मुझे बुद्धु समझते हो
कटने के पहले
हर बकरा यही कहता है
मुझे छोड़ दो
छोड़ दु
धंधा चैपट हो जायेगा
मेरे बच्चे.बीबी और मैं
भूखे मर जाउॅगा
बकरे की सिट्टी.पिट्टी गोल हो गई
वह ड़र गया
फिर संहला
संहल कर बोला
भाई साहब
मैं झूठ नहीं कहता
हर बकरा कसाई का दुसरा रूप है
एक दोस्त का प्राण जाता है
अपने विरादर का अपमान होता हैं
फिर यह अभिमान कैसा
क्या तेरे लिए शेष रह गया
आज के जमाने में पैसा
बकरा नहीं कसाई ही कटता है
यह पाप है
इसे मजबूरी मत समझना
मुझे छोड़ दो
तेरे कर्मो का हिसाब
कोई दूसरा नहीं लेगा
यही सत्य और यही सार्थक है

बी पी शर्मा बिन्दु

Writer Bindeshwar Prasad Sharma (Bindu)
D/O Birth 10.10.1963
Shivpuri jamuni chack Barh RS Patna (Bihar)
Pin Code 803214

9 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 26/07/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 27/07/2016
  2. रामबली गुप्ता 26/07/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 27/07/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 27/07/2016
  3. C.M. Sharma C.m.sharma(babbu) 26/07/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 27/07/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 27/07/2016
  5. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 27/07/2016

Leave a Reply