प्लीज (Please)

दो सौ वर्षों की गुलामी ने देश हिला दिया,
कुछ दिया, न दिया, अंग्रेजी सिखा दिया,
न जाननेवाले भी कुछ-कुछ शब्द बोलते,
अपनी-अपनी अंग्रेजियत से दूसरे को तौलते,
“प्लीज” का वायरस देश में बड़ी तेजी से फैला,
बच्चे, बूढ़े, साहब-मेमसाहब, लैला और छैला,
साहबों ने गुरुर में किया कम ही इस्तेमाल,
पर महिलाओं बच्चों ने लिया इसे संभाल,
महिलाओं की प्लीज पर हर काम बन जाते,
बच्चों की प्लीज पर तो माँ-बाप ढह जाते,
चतुर सयाने की ढाल, बोलते हैं बारम्बार,
प्लीज, प्लीज कहकर ठग लेते कई बार,
कई बार कहने पर आवेग स्वयं ही ढह जाता,
कहनेवाले की बात मान लो, यही कह जाता,
भाषा बुरी नहीं होती ये ध्यान रखना प्लीज,
एक शब्द ही करामाती है खींच लाता “प्लीज”
बीमारी पर खिचड़ी खाने की डॉक्टर देता सीख,
हिंदी में है “प्लीज” समाहित बस बाकी तारीख,
रचना बुरी लगी हो तो माफ़ करना प्लीज,
पढ़ने के बाद मन में न रखना कोई खीज ।

विजय कुमार सिंह
vijaykumarsinghblog.wordpress.com
Note : ब्लॉग पर तस्वीर के साथ देखें.

21 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 26/07/2016
  2. mani mani 26/07/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/07/2016
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 26/07/2016
  5. रामबली गुप्ता 26/07/2016
  6. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 26/07/2016
  7. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 26/07/2016
      • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 26/07/2016
  8. sarvajit singh sarvajit singh 26/07/2016

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