Rina Baghele

सच कहते है..

सच कहते है जिंदगी तुझसे सच कहते है
जिंदगी कि कश्मकश आज बयाँ करते है !!

एक वक्त था मेरा तब रियासत मेरी थी
चल पड़ा था दिल मानो सियासत मेरी थी
दिल के पसंद का पढ़ने मे मज़ा बहुत थी
सच कहते है जिंदगी तुझसे सच कहते है !

कभी न सोचा था की इतने दूर आ जाएंगे
सपनो कि राह मे एक दिन तनहा हो जाएंगे
दिल कुछ कहता है कुछ और ही कर जाएंगे
सच कहते है जिंदगी तुझसे सच कहते है !

चल पडे़ है नये रास्तो पर दिल के अरमान दफ़ना कर
पढ़ रहे है नई किताबें नये रास्तों को अपना बना कर
दिल कब का हार चुका है इन अनचाही सी राह पर
सच कहते है जिंदगी तुझसे सच कहते है !

सच कहते है जिंदगी तुझसे सच कहते है
जिंदगी कि कश्मकश आज बयाँ करते है !

..रीना बघेले

4 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 26/07/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 26/07/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 26/07/2016

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