इतना दम

अपनी सहज दंतुरित मुस्कान से,
पत्थर दिल वालों को पिघला दे,
नन्हीं किल्कारी एवं करतबों से,
रोते हुए को भी हँसा दे,
बच्चों में है इतना दम।

लहरों से भी लड़ जाए, या फिर
मोड़ डाले नदी की राहें,
पहाड़ को तोड़ रास्ता बना लें,
तूफानों में भी बहार ला दें,
युवाओं में है इतना दम।

स्वयं कष्ट सह सबको शांति प्रदान करें,
दुविधा से पंथ दिखाए,
गदिॆश से आसमां तक पहुँचाए,
बड़े-बुजु़गॆों के आशीवाॆद और
दुआओं में है इतना दम।

14 Comments

  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 26/07/2016
    • BabitaChatterjee BabitaChatterjee 09/08/2017
  2. C.M. Sharma babucm 26/07/2016
    • BabitaChatterjee BabitaChatterjee 09/08/2017
  3. mani mani 26/07/2016
    • BabitaChatterjee BabitaChatterjee 09/08/2017
    • BabitaChatterjee BabitaChatterjee 09/08/2017
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 26/07/2016
    • BabitaChatterjee BabitaChatterjee 09/08/2017
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/07/2016
    • BabitaChatterjee BabitaChatterjee 09/08/2017
  6. Dr Chhote Lal Singh Dr Chhote Lal Singh 26/07/2016
    • BabitaChatterjee BabitaChatterjee 09/08/2017

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