दीवार……..मनिंदर सिंह “मनी”

बचकानी सी जवानी में,
मुहब्बत हो गयी,
हुस्न से कहर ढहाते,
देख उनको,
मेरे इश्क की फरियाद,
इबाद्दत हो गयी,
करे कबूल या ना,
उसकी मर्जी,
सारी दुनिया मेरे इश्क की,
गवाह हो गयी,
दिलकश अदा से,
लट को चेहरे पर गिरना,
चांदनी भी शर्मा जाये,
खूबसूरती की इन्तिहाँ हो गयी,
कैसा रोग लगा बैठा ?
बेकार हर दवा हो गयी,
पर मिलन मुमकिन नहीं,
ऐ “मनी” तेरी इश्क से बड़ी,
दौलत की दीवार हो गयी,

12 Comments

  1. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 25/07/2016
    • mani mani 26/07/2016
  2. babucm C.m.sharma(babbu) 25/07/2016
    • mani mani 26/07/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 25/07/2016
    • mani mani 26/07/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 26/07/2016
    • mani mani 26/07/2016
    • mani mani 26/07/2016
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/07/2016
    • mani mani 26/07/2016

Leave a Reply