दोस्ती

दोस्ती ये क्या ख़ूब रंग लायी… ख़ुश हूँ मैं यह जग सोचता है पर दिल में तन्हाई है… काश के हमने दोस्ती ना की होती … कम से कम दुश्मन की कमी तो महसूस होती.

2 Comments

  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 24/07/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 24/07/2016

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