मेरे मालिक मेरे खुदा

मेरे मालिक मेरे खुदा,
आपको करती हू नमन बारम्बार।

हर वक्त हर पल मेरी दुआ करते कुबूल,
मेहरो वाला हाथ है हर पल मुझ्पर भरपूर ।

प्रभू आपकी लीला है अपरम्पार,
धरती अम्बर और पाताल कोई भी ना जान पाया इसका सार।

मेरे मालिक मेरे खुदा,
आपको करती हू नमन बारम्बार।

कौन कहता है कमबख्त दुआयो मे है नमी,
बस बुसदिले काफिरो की अरदास मे है कमी।

दिल खोलकर दरदे दिल अपने करो ब्यान,
मालिक कुबूल करते है हर दिल की दास्तान,
और मिटा देते है मुशकिल से मुशकिल निशान।

मेरे मालिक मेरे खुदा,
आपको करती हू नमन बारम्बार।

वाहेगुरुजी आप रचियता है इस मायावी सन्सार के,
मदारी भी आप,खिलाडी भी आप,
आपकी इस लीला का ना कोई पा पाया है पार।

बस अपने चरणॉ मे देकर थोडा प्यार,
इस कनीज का कर दो बेडा पार

मेरे मालिक मेरे खुदा,
आपको नमन करती हू बारम्बार।

4 Comments

  1. Dr Chhote Lal Singh Dr Chhote Lal Singh 23/07/2016
  2. babucm C.m.sharma(babbu) 23/07/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 23/07/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 23/07/2016

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