ख़ामोशी प्यार की

ख़ामोशी भी एक तरह की सहमति है
मैं चुप रहकर तेरे जाने को रोक न सका

मजबूरी का रोना हम दोनो ने रोया
तुम मुझसे दूर जाने के बहाने
को समझा नहीं सके
मैं तेरे सही बातो को भी न
समझ सका

हम थे तो आमने –सामने
लेकिन ख़ामोशी की एक खाई सी
हमारे बीच पट्टी थी

एक सवाल
कभी जो कानो में शौर करता
क्या प्यार नहीं है?
और हम दोनों के दरमियाँ
फिर एक लंबी ख़ामोशी
हमेशा के लिए छा गई

रिंकी राउत

16 Comments

  1. mani mani 22/07/2016
    • Rinki Raut Rinki Raut 22/07/2016
  2. babucm C.m.sharma(babbu) 22/07/2016
  3. Rinki Raut Rinki Raut 22/07/2016
    • Rinki Raut Rinki Raut 24/07/2016
  4. सोनित 22/07/2016
    • Rinki Raut Rinki Raut 24/07/2016
  5. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 22/07/2016
    • Rinki Raut Rinki Raut 24/07/2016
  6. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 22/07/2016
    • Rinki Raut Rinki Raut 24/07/2016
  7. Dr Chhote Lal Singh Dr Chhote Lal Singh 22/07/2016
    • Rinki Raut Rinki Raut 24/07/2016
  8. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 22/07/2016
    • Rinki Raut Rinki Raut 24/07/2016

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