” हसरत “

शिकवे गिले न दिल से लगाया करो ,
कभी मना लो हमे ,
तो कभी मान जाया करो ।

यु रोता है तुम्हारी मोहब्बत मे दिल,
पूछती क्या हो गैरो से,
मेरा हाल ए दिल तुम खुद ही जान जाया करो ।

क्या पता कल का ,
कि हम हो न हो ,
थोड़ा हंस लो मेरे साथ ,
और मुझे भी हंसाया करो ।

सिख जाओगे जिदंगी जीना ,
मर कर देखोगे जब किसी पे ,
लगा कर आग मोहब्बत की ,
हमे यु ही जलाया करो । ।

“काजल सोनी ”

16 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/07/2016
    • Kajalsoni 23/07/2016
  2. mani mani 23/07/2016
    • Kajalsoni 23/07/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 23/07/2016
    • Kajalsoni 23/07/2016
  4. C.M. Sharma babucm 23/07/2016
    • Kajalsoni 23/07/2016
    • Kajalsoni 23/07/2016
  5. Saviakna Savita Verma 23/07/2016
    • Kajalsoni 23/07/2016
  6. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 23/07/2016
    • Kajalsoni 23/07/2016
  7. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad Sharma (Bindu) 23/07/2016
    • Kajalsoni 23/07/2016

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