“मेरी तन्हाई “

चाहत मे तुम्हे पाना ,
इक अफसाना हो गया ।

गुजरा हुआ वक्त भी मुझसे,
बेगाना हो गया ।

क्यु बरसता नही ये सावन,
तुम्हारे आने के बाद ।

तुम्हे देख कर क्या ये भी,
तुम्हारा दिवाना हो गया ।

इक बार लौट आता काश ,
मोहब्बत का वो मंजर ।

तुम्हे अपनी बाहो मे भरे ,
जमाना हो गया ।।

“काजल सोनी “

16 Comments

  1. mani mani 22/07/2016
    • Kajalsoni 22/07/2016
    • Kajalsoni 22/07/2016
    • Kajalsoni 22/07/2016
  2. C.M. Sharma babucm 22/07/2016
    • Kajalsoni 22/07/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 22/07/2016
  4. Kajalsoni 22/07/2016
  5. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 22/07/2016
  6. Kajalsoni 22/07/2016
  7. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 22/07/2016
  8. Kajalsoni 22/07/2016
  9. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 23/07/2016
    • Kajalsoni 23/07/2016

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