आहार

आहार
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आप हैं माँसाहारी
और मैं शाकाहारी

आप पालते हैं
मुर्गा, बकरा और सुअर
अपने भोजन के लिए

मैं उगाता हूँ
अनाज, दाल और सब्जियाँ
अपने भोजन के लिए

आप काटते हैं मुर्गा
मैं काटता हूँ गोभी

आप खा लेते हैं
उन अंडों को
जिनमें बंद चूजों के
न जाने कितने वंश
अकाल दफ़न हो जाते हैं

मैं खा लेता हूँ
उन बीजों को
जिनमें क्षमता रहती है
अनंत बीजों में बदलने की

जीवन
जानवर में भी है
वनस्पति में भी है

अपनी भूख
मिटाने के लिए
कत्ल करते हैं
जानवर का आप
वनस्पति का मैं

कत्ल
आखिर कत्ल है
चाहे वह
जानवर का हो
या वनस्पति का

कातिल आप
कातिल मैं

गुमनाम नज़र में
आपमें और मुझमें
कोई फ़र्क़ नहीं

जीवन के लिए
जरूरी है भोजन

भोजन के लिए
जरूरी है कत्ल

आइए
कत्ल उतना ही करें
जितना जरूरी है
हमें जिंदा रहने के लिए
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—गुमनाम कवि (हिसार)
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8 Comments

  1. Kajalsoni 21/07/2016
    • Gumnam Kavi 21/07/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 21/07/2016
    • Gumnam Kavi 22/07/2016
  3. babucm C.m.sharma(babbu) 21/07/2016
    • Gumnam Kavi 22/07/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 22/07/2016
    • Gumnam Kavi 22/07/2016

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