दस्तख…….

बीत गया बचपन,
जिंदगी को नव योवन दे गया !
ऐसा उलझा अनासिर में,
ना मालूम बुढापा कब दस्तख दे गया !!

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अनासिर= भौतिकता

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डी. के. निवातियाँ _!!

22 Comments

  1. रामबली गुप्ता 26/07/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 26/07/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 26/07/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 26/07/2016
  2. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 26/07/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 26/07/2016
  3. सोनित 26/07/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 26/07/2016
  4. sarvajit singh sarvajit singh 26/07/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 26/07/2016
  5. Dr Chhote Lal Singh Dr C L Singh 26/07/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 26/07/2016
  6. Kajalsoni 26/07/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 26/07/2016
  7. babucm C.m.sharma(babbu) 26/07/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 26/07/2016
  8. Writer Satyam Srivastava Writer Satyam Srivastava 26/07/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 26/07/2016
  9. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 27/07/2016
  10. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 27/07/2016

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