बिटिया

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मुक्तक 2
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बिटिया को खूब पढ़ाया है।
जीवन जीना सिखलाया है।
कैसे नम आँखे दिखलाऊँ,
यह सोच के दिल घबराया है ।

भगवान से अब में क्‍या माँगूं।
बिटिया के लिये ही दुआ माँगूं।
बिटिया ने किया नाम ऊँचा,
हर जन्‍म मे यह गुड़िया माँगूं।
@:-अभिषेक शर्मा
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13 Comments

  1. babucm babucm 21/07/2016
  2. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad Sharma (Bindu) 21/07/2016
  3. mani mani 21/07/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 21/07/2016
  5. Rajeev Gupta RAJEEV GUPTA 21/07/2016
  6. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 21/07/2016
  7. Kajalsoni 21/07/2016
  8. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 21/07/2016
  9. sarvajit singh sarvajit singh 21/07/2016
  10. अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 21/07/2016

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