दो राहें

दो राहे हैं अच्छे.बुरे के सोचो तुमको क्या करना है ?
दो राहे हैं जिस पर चलकर सब कुछ अच्छा होता है
सत्य अहिंसा को अपना कर सब कुछ अच्छा होता है।
मीठी वाणी ऐसी उनकी बोल दिये तो दिल को छूले
कर्म है ऐसा इतना उॅंचा धरती अंबर सब को छूले
दो बाते हंै अच्छे.बुरे के सोचो तुमको क्या करना है ?

एक राह वह भी है भाई जो जी लेते हैं ऐसे.वैसे
लालच लोभ मोह में फंसकर रह जाते हंै जैसे.तैसे
दो पल के ही चैन में खोकर जीवन नरक बनाते हैं
बुरी आदतें सीख कर ऐसे अपनों से भटक जाते हैं
दो शब्द है अच्छे.बुरे के सोचो तुमको क्या करना है ?

सादा जीवन विचार उॅचा सामने इसके न कोई दूजा
कुछ तो नाम करो ए भाई धरम धरती करम है पूजा
इतनी बड़ी शक्ति में भक्ति इससे बड़ा और न कोई
अच्छी राहें करम हो उत्तम इससे ज्यादा और न होई
दो पहलू है अच्छे.बुरे के सोचो तुमको क्या करना है ?

अभिमानी का क्या भरोसा रंग बदलते गिरगिट जैसा
कभी डाका चोरी करते अपहरण और मार.पिट ऐसा
कत्ल से नाता ऐसे जुडा पाप का दरिया जैसे भरा है
सारे करम करते हैं उलटे और ऐसे.जैसे.तैसे मरा है
दो रंग है अच्छे.बुरे के सोचो तुमको क्या करना है ?

संस्कृति से संसार है बनता मानव जनम महान है बनता
दया दान जो ज्ञान बढ़ाता सदा उसका गुणगान है रहता
देश की सेवा भक्ति करते और सीमा पर देखो वो मरते
यह जीवन असली कमाई दुखियों के दुख को वो हरते
दो राहे हैं अच्छे.बुरे के सोचो तुमको क्या करना है ?

बी पी शर्मा बन्दु

Writer Bindeshwar Prasad Sharma (Bindu)
D/O Birth 10.10.1963
Shivpuri jamuni chack Barh RS Patna (Bihar)
Pin Code 803214

6 Comments

  1. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad Sharma (Bindu) 21/07/2016
  2. C.M. Sharma babucm 21/07/2016
  3. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad Sharma (Bindu) 21/07/2016
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 21/07/2016
  5. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad Sharma (Bindu) 21/07/2016

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