Maine Dekha Hai, Best Shayari on Life -Kinshuk Yadav, IIT BHU

समाज –

मैंने देखा है ,
चार पैसा मेहनत से कमाने वाले तक ,
मिलने की कोशिश करते हैं ,
मैंने विरासत में करोड़ो पाने वालो को ,
छिपने में सुकून महसूस करते देखा है ||

मैंने देखा है ,
गहनों की चादर ओढ़े हुए भी ,
लोग तारीफ के काबिल नहीं हो पाते ,
मैंने होठों पर मुस्कान रखने वालों को
सुंदरता का उदाहरण बनते देखा है ||

मैंने देखा है ,
दुनिया वालों की नहीं दिल की आवाज़ सुनकर काम करो ,
कोई कितना भी रोके , अपने दृढ़ इरादे से पीछे मत हटो ,
क्यूंकि मैंने वक़्त बदलने पर लोगो को ,
गिरगिट की तरह रंग बदलते देखा है ||

मैंने देखा है ,
कभी न दुःख सहने वाले ,
थोड़ी चोट में ही रो देते हैं ,
मैंने हमेशा पीड़ा सहने वालों को ,
हर गम में मुस्कुराते देखा है ||

घर परिवार –
मैंने देखा है ,
हसरत से मिलने घर आये मेहमानों को ,
लोग घमंड में दुत्कार देते हैं जो ,
मैंने उनके महलों के सन्नाटो में
दीवारों को चिल्लाते देखा है ||

मैंने देखा है ,
बड़ी विचित्र दुनिया है ये यारों
पराये भी सहारा दे देते हैं ,
मैंने यहाँ अपनों को अपनों से ,
किनारा करते देखा है ||

मैंने देखा है ,
अपने बच्चों की एक मुस्कान के लिए ,
जो माँ बाप अपनी हर ख़ुशी को त्याग देते है ,
मैंने उन आँखों के तारों , बुढ़ापे के सहारों के घरों में ,
बूढी आँखों को आंसू गिराते देखा है ||

कटु सत्य –

मैंने देखा है ,
अधिकतर व्यस्त रहने वाले तक ,
मदद का वादा करते हैं ,
पर फुरसत में रहने वालों को अक्सर ,
वक़्त न होने का दावा करते देखा है ||

मैंने देखा है ,
गम्भीरता से बेबाक सच बोल देने वालो को भी
बेज़्ज़ती करके बेगाना करार दिया जाता है ,
मैंने बेझिझक झूठ बोलकर तारीफें करने वालों को ,
प्रशंसा पाकर अपना बनते हुए देखा है ||

मैंने देखा है
अत्यन्त परोपकारी क्यों न हो , यदि असफल हैं ,
तो इस दुनिया में बहुत ठोकर खाते हैं ,
मैंने दुत्कारने वाले सफल लोगो को ,
देवता की तरह पुजते देखा है ||

मैंने देखा है ,
हज़ारों तोहफे पाने वाले तक ,
कुछ न कुछ, न मिल पाने की दुहाई देते हैं ,
मैंने सिर्फ बड़ों का आशीर्वाद पा जाने वालों को ,
खुश होकर ईश्वर को धन्यवाद देते देखा है ||

मैंने देखा है ,
एक बेजान मूरत पर गर्व से ,
करोड़ो फ़ेंक आते हैं लोग ,
मैंने उसी दर के बाहर ,
पेट भरने के लिए लोगो को हाथ फ़ैलते देखा है ||

प्रेरणायुक्त –

मैंने देखा है ,
कर्म करने वाले ही ,
जीवन का असली आनंद लेते हैं ,
मैंने मेहनत से बचने वालो को अक्सर ,
डरते , घबराते , ज़िन्दगी को ढोते देखा है ||

मैंने देखा है ,
कुछ अलग कर गुजरने की सोच भर पर ,
ये दुनिया वाले उंगली उठाने लगते हैं ,
पर सफल हो जाने पर मैंने ,
उन्ही को अपने सामने झुकते देखा है ||

मैंने देखा है
जिससे उम्मीद न हो ,
वो तक बुरे वक़्त पर काम आ जाते हैं ,
मैंने सबसे करीब रहने वालों को ,
भरोसा तोड़ते देखा है ||

मैंने देखा है ,
सुख सुविधा भरपूर मिलने वाले तक ,
विद्या का अनादर करते हैं ,
मैंने संघर्षो में जीने वालों को ,
दरिया पार करके पढ़ते देखा है ||

मैंने देखा है ,
परिश्रम करके घर लौटने वाले ,
पत्थर के तकिए पर बेहोश होकर सोते हैं ,
मैंने मेहनत न करने वालों को ,
मखमल के बिस्तर पर रात भर करवट बदलते देखा है ||

मैंने देखा है ,
काबिलियत मेहनत से थोड़ा पाने वाले तक
ख़ुशी से जीवन काटते हैं ,
बेईमानी से अरबों पाने वाले को
नींद न आने की शिकायत करते देखा है ||

मैंने देखा है ,
जब तक वक़्त और मौका है ,
उसे भुनाने की कोशिश कर लो यारो ,
मैंने वक़्त गुजर जाने पर लोगो को ,
वक़्त के लिए तड़पते देखा है ||

मैंने देखा है ,
निराश मत हो ,तुम आगे बढ़ने की एक बार तो ठानों ,
क्यूंकि सफलता किसी एक के साथ की मोहताज़ नहीं होती ,
तुम मंजिल की तरफ कदम बढ़ने शुरू तो करो ,
मैंने सामने से हसने वालों को ,पीछे से तारीफे करते देखा है ||

मैंने देखा है ,
अगर नसीब में तरक्की नहीं तुम्हारे ,तो मेहनत से अपनी तक़दीर खुद लिख दो ,
अगर असफल हो तो कर्म करके सफल होकर अपना वक़्त बदल दो ,
अगर दुनिया की चालों से पिस गए हो तो अब खड़े हो जाओ दोस्त ,
मैंने वक़्त बदलते ही , इस दुनिया को बदलते देखा है ||

ज़िन्दगी-

मैंने देखा है ,
जब भी ख़ुशी का मौका हो ,
तो दिल खोल के हस लो यारों ,
मैंने खुशियों की बारिश में कहीं छुपे रहने वालों को
हसी की कुछ बूंदों के लिए तरसते देखा है ||

मैंने देखा है ,
परिस्तिथियाँ हमेशा हमारे हक़ में नहीं होती ,
बुरे वक़्त पर कभी किसी की भावनाओं से मत खेलना यारों ,
मैंने दूसरों पर हसने वालों को ,
एक दिन खुद पर रोते देखा है ||

मैंने देखा है ,
गलती करना तो मानव स्वभाव है
माफ़ करना सीखो यारो
मैंने अकड़े रहने वालों को
तन्हाई में टूट कर बिखरते देखा है ||

मैंने देखा है ,
बुरे लोगो के मरने पर ,
दुनिया वाले अफ़सोस भी नहीं करते ,
मैंने सत्कर्मियों के गुजरने पर ,
फरिश्तों की आँखों को भी नाम होते देखा है ||

मैंने देखा है ,
ज़्यादा बड़ी नहीं ,बहुत छोटी सी होती है ये ज़िन्दगी ,
सबसे घुलमिलकर ,प्रेम से जीलो यारों ,
मैंने दुनिया जीतने का ख्वाब देखने वालों को ,
खाली हाथ छोटी सी कब्र पर दफ़न होते देखा है ||

मैंने देखा है दोस्तों ,
मैंने देखा है ||

-by KINSHUK YADAV

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13 Comments

    • Kinshuk Yadav 20/07/2016
  1. C.M. Sharma babucm 20/07/2016
  2. mani mani 20/07/2016
  3. Kinshuk Yadav 20/07/2016
  4. meeta 20/07/2016
  5. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 20/07/2016
    • Kinshuk Yadav 21/07/2016

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