माँ

इस दुनिया में खोला जब,आँख मैंने था पहली बार
सबसे पहले तुझको देखा ओ मेरी प्यारी सी माँ
मुंह को खोला इस दुनिया में,जब मैंने था पहली बार
सबसे पहले तुझको पुकारा,ओ मेरी प्यारी सी माँ

धूप जब लगती है मुझको,छाँव तू बन जाती है
बारिश में तू मेरे लिए,छतरी भी बन जाती है
तेरे प्यार में सबकुछ मैं,भूल जाऊ ओ प्यारी माँ

मेरे नींद की खातिर तू,सारी रात तू जागती है
खुद भूखा रहकर भी मेरे ,पेट की आग बुझाती है
तेरे इस ममता की कीमत,कुछ नहीं है प्यारी माँ

जब मैं तुझसे दूर रहूं,किसी मुश्किल में मैं परूँ
बिन तारो के तेरा दिल,सब जान जाते मेरे हालात
तू अपने दिल के टुकड़े के,हर धडकन पहचाने माँ

मेरे तू हर दर्द को समझे,बिन बोले हर बात को समझे
रोता जब किसी बात के लिए,तू मेरे उस चाह को समझे
तू खुदा की सबसे अच्छी सौगात है प्यारी माँ

खुदा ने तुझको देकर मुझको,दे दिया है अनमोल उपहार
जिसको पाने के खातिर,वो भी धरती पर आता है बार-बार

11 Comments

  1. mani mani 22/07/2016
    • vijaykr811 vijaykr811 23/07/2016
  2. C.M. Sharma C.m.sharma(babbu) 22/07/2016
  3. सोनित 22/07/2016
    • vijaykr811 vijaykr811 23/07/2016
  4. Kajalsoni 22/07/2016
    • vijaykr811 vijaykr811 23/07/2016
  5. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 22/07/2016
    • vijaykr811 vijaykr811 23/07/2016
  6. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 22/07/2016
    • vijaykr811 vijaykr811 23/07/2016

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