बिकाऊ मीडिया

कुछ लोग यहां घाटी में,सिर्फ नफरत फ़ैलाने जाते हैं,
पत्रकारिता के नामपर,आतंकियों को मरहम लगाने जाते है।

कुछ तो यहां, आतंकी की तुलना भगत सिंह से कर जाते है,
सर देश की सोचा करो,हिजबुल की ख़ातिर क्यों गरमा जाते है।

बताओ सैनिक वीरो की शहादत पर,आंसू कभी बहाए हैं?
लिया कभी इंटरव्यू तुमने विधवाओं का संवेदना कभी जताए हैं?

विस्थापित कश्मीरी पंडितो के परिवारों के बारे में सोचा हैं?
मानवाधिकारों की चर्चा करते,भुलाकर इनको, कुछ तो लोचा है!

कैराना पर खामोश रहें तुम,दादरी पर दर्द हुआ है,
पक्षपात पूर्ण ख़बरे पढ़कर,हां सबकों सिरदर्द हुआ है।

अलगाववादी ‘भटकों’को 500/- देकर,पत्थर सेना पर फ़िकवाते है,
लेकिन अपने बेटों को बाहर शहरों में या विदेशों में पढ़ने भिजवाते है।

रकम भिजवाकर हवाला से, तुमने आग जो लगाई है,
तुम्हारे प्रांत भी जलेंगे, देहकेगें, ये जो आग सुलगाई है।

__रवि यादव ‘अमेठीया’__

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Pic credit: Internet

12 Comments

  1. Ravi Yadav Ravi Yadav 19/07/2016
  2. Dr Chhote Lal Singh Dr Chhote Lal Singh 19/07/2016
    • Ravi Yadav Ravi Yadav 19/07/2016
  3. mani mani 19/07/2016
  4. Ravi Yadav Ravi Yadav 19/07/2016
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 20/07/2016
    • Ravi Yadav Ravi Yadav 20/07/2016
  6. C.M. Sharma babucm 20/07/2016
    • Ravi Yadav Ravi Yadav 20/07/2016

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