देख चलचित्र…………मनिंदर सिंह “मनी”

देख चलचित्र पुराना सा,
याद आ गया गुजरा जमाना सा,
बैठ किसी एक घर में,
सारे गांव का धमाचौकड़ी लगाना सा,
महाभारत, चंद्रकांता, शक्तिमान,
देखने में सारा दिन बिताना सा,
बिजली जाने पर, मासूमियत भरे,
चेहरों का अधमरे मन उठ कर जाना सा,
ढिशूम-ढिशूम, वो मारा, बदमाश की,
पिटाई होते देख तालिया बजाना सा,
प्रेम प्रसंग देख, हर किसी का,
शर्म से लाल हो, चेहरा झुक जाना सा,
क्या बूढ़े ? क्या बच्चे ? क्या जवां ?
सभी का मिल कर गुनगुनाना सा,
क्यों बढ़ गयी दूरिया, दिलो के दरमियान,
क्यों लगता है हर शख्स अंजाना सा ?
क्यों तन्हा हो गए ?, अपनी ही परछाइयों से,
क्यों हवस बन गया पैसा कमाना सा ?,
भूषाचार की आड़ में अपनी संस्कृति को,
मिटाने की चाह लिए, हर कोई ढूंढ रहा बहाना सा,
जदोजहद के दौर में,”जौनपुर” का प्यार,”मनी” ने,
दिल में ऐसे सहेज लिया, हो कोई कीमती खजाना सा,
देख चलचित्र पुराना सा…………….

भूषाचार-फैशन

18 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 19/07/2016
    • mani mani 19/07/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/07/2016
    • mani mani 19/07/2016
  3. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 19/07/2016
    • mani mani 19/07/2016
  4. Rajeev Gupta RAJEEV GUPTA 19/07/2016
    • mani mani 19/07/2016
  5. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 19/07/2016
    • mani mani 19/07/2016
    • mani mani 19/07/2016
    • mani mani 19/07/2016
  6. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/07/2016
    • mani mani 19/07/2016
  7. sarvajit singh sarvajit singh 19/07/2016
    • mani mani 20/07/2016

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