दिलबर यार कैसा……………..(ग़जल)

हो न सके जो हमराज, वो दिलबर यार कैसा।
सुने न दिल कि आवाज,बिन इजहार प्यार कैसा ।।

यूँ तो बाते कर लेता हर कोई
रूह को छू न जाये सार कैसा।।

वीणा मे सजती है डोर सरगम की
जो दे ना सके कोई साज तार कैसा ।।

यूं तो हर मोती गुथ जाता है माला मे
सज ना सके किसी गले हार कैसा ।।

कत्ल के लिये खंजर ही जरूरी नही
कर न दे घायल नजरो से वार कैसा ।।

कमी न थी शहर मे मौकापरस्तो कि
एक तू ही भाया “धर्म” को यार कैसा ।।

हो न सके जो हमराज,वो दिलबर यार कैसा।
सुने न दिल कि आवाज,बिन इजहार प्यार कैसा ।।




डी. के. निवातियॉ_______@@@

20 Comments

  1. sarvajit singh sarvajit singh 18/07/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/07/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/07/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/07/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 19/07/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/07/2016
  4. C.M. Sharma babucm 19/07/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/07/2016
  5. mani mani 19/07/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/07/2016
  6. RAJ KUMAR GUPTA Raj Kumar Gupta 19/07/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/07/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/07/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/07/2016
  7. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 19/07/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/07/2016
  8. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad Sharma (Bindu) 19/07/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/07/2016

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