दोस्ती में हँसी के तराने

निभाए वफ़ा दोस्ती में, ऐसा दोस्त नगीना होता है
बेचारे कुवारों को मजबूरन यारों बीच जीना होता है
शादी हो जाये दोस्तों में पहले तो रखो कुछ फासले
क्योकि आज के दौर में हर दोस्त कमीना होता है।।

दोस्त की बीबी हो खुबसूरत यारों के फटते है सीने
डाह की अग्नि में जलते, सामने गढ़ते झूठे कसीने
इनकी ललचाई आँखों से नजर मत हटाना कभी
नजर हटी दुर्घटना घटी के वे दिखाते सच्चे नमूने।।

एक दोस्त की आरजू में दुसरे का लुटता है अरमान
दोस्त की खुसी वास्ते कितने करते जान भी कुर्बान
मामला हो कहीं प्रेम त्रिकोण का, फिर क्या कहना
दोस्त की गर्लफ्रेंड मिले तो साला दोस्त भी कुर्बान।।

यार की बीबी लगे अच्छी, सदीओ पुरानी रीत है
इन्ही बीबिओं के फेर में यारों की बदलती प्रीत है
मत कहो- कोई मेरी बीबी को भगा कर दिखाए
क्योकि दोस्तों के लिए डर के आगे जीत है।।
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सुरेन्द्र नाथ सिंह “कुशक्षत्रप”

18 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 18/07/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 18/07/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 18/07/2016
  2. Rajeev Gupta RAJEEV GUPTA 18/07/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 18/07/2016
  3. mani mani 18/07/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 18/07/2016
  4. C.M. Sharma babucm 18/07/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 18/07/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 18/07/2016
  5. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 18/07/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 18/07/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 18/07/2016
  6. sarvajit singh sarvajit singh 18/07/2016
  7. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 18/07/2016

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