मानवता

मानवता

मन है बारूद विस्फोट मत कर
मानवता पर तुम चोट मत कर।
मन को शीतल शांत बनाओ
दिल को सागर प्रसांत बनाओ।
सोचेंगे अच्छा तो होगा अच्छा
सीखेंगे यही सब बच्चा.बच्चा।
मन है बारूद विस्फोट मत कर
मानवता पर ।

मन में उच्च विचार ले आओ
जन.जन में निखार ले आओ।
गुरू से सीखो आगे बढ़ जाना
मन लगाकर तुम ऐसे पढ़ जाना।
मन है बारूद विस्फोट मत कर
मानवता पर ।
मन का ज्ञान विज्ञान बढ़ालो
जब भी इस पर ध्यान चढ़ा लो।
मन में एक विश्वास ले आओ
गुजरा हुआ इतिहास ले आओ।
मन है बारूद विस्फोट मत कर
मानवता पर ।

ले आओं सतयुग तुम फिर से
भूलो कलि.कलियुग अधिर से।
दानी हरिश्चन्द्र.कर्ण बन जाओ
मातृ.भूमि का कर्म बन जाओ।
मन है बारूद विस्फोट मत कर
मानवता पर ।

वाणी मधुर और प्यार हो मन में
जैसे फूल खिलें जैसे गुलशन में।
लंगड़े को तुम साथ ले जाना
अंधे को भी राह दिखलाना।
मन है बारूद विस्फोट मत कर
मानवता पर ।
बी पी शर्मा बिन्दु

Writer Bindeshwar Prasad Sharma (Bindu)
D/O Birth 10.10.1963
Shivpuri jamuni chack Barh RS Patna (Bihar)
Pin Code 803214

6 Comments

    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad Sharma (Bindu) 19/07/2016
  1. C.M. Sharma babucm 19/07/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad Sharma (Bindu) 19/07/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/07/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad Sharma (Bindu) 19/07/2016

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