सवाल …..ग़ज़ल …

दिन गुज़र गया तेरे ख्यालों में….
रात कट गयी मेरी आहों में….

कैसे लगती है आग सावन में….
देखि लपटें निकलती आँखों में….

फिर से छेड़ा है राग ये कैसा….
दर्द ठुमके तेरे सुर साज़ों में….

राज़-ऐ-दिल किस तरह कह दें…
तालाबंद हैं जो मेरी साँसों में….

किस लिए भीगी तेरी कलम “चन्दर”…
आज पूछे है दिल आँखों में…..
\
/सी.एम. शर्मा (बब्बू)

14 Comments

    • babucm babucm 16/07/2016
  1. mani mani 16/07/2016
    • babucm babucm 16/07/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/07/2016
    • babucm babucm 16/07/2016
    • babucm babucm 16/07/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 16/07/2016
    • babucm babucm 16/07/2016
  4. Rajeev Gupta RAJEEV GUPTA 16/07/2016
    • babucm babucm 16/07/2016
  5. sarvajit singh sarvajit singh 16/07/2016
    • babucm C.m.sharma(babbu) 17/07/2016

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