पर्दा ना कर……….मनिंदर सिंह “मनी”

पर्दा ना कर,
ऐ दिलबर,
तेरे हुस्न का,
दीवाना हूँ,
जाने कितनी सदियों से,
तू शमा,
मैँ जलता परवाना हूँ,
बिना पीए,
मदहोश मैँ,
तेरे इश्क से,
लबा-लब पैमाना हूँ
गुनगुनाते लब जिसे,
वो दिलकश तराना हूँ
तिरछी निगाहो से,
देखना,
ना दिखु,
मिलने का बहाना हूँ
मुद्दतो बाद मिली तुम,
तेरा आज ना सही,
पर गुजरा जमाना हूँ
पर्दा ना कर…………..

20 Comments

  1. santosh71 santosh71 15/07/2016
    • mani mani 15/07/2016
    • mani mani 15/07/2016
    • mani mani 15/07/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 15/07/2016
    • mani mani 15/07/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 15/07/2016
    • mani mani 15/07/2016
    • mani mani 15/07/2016
  4. C.M. Sharma babucm 15/07/2016
    • mani mani 15/07/2016
  5. Prince Seth Prince Seth 15/07/2016
    • mani mani 15/07/2016
  6. sarvajit singh sarvajit singh 15/07/2016
    • mani mani 16/07/2016
  7. सोनित 15/07/2016
    • mani mani 16/07/2016

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