* रेला -रैली *

रेला है भाई रैली है
सभी जगह धकमपेली है,
पार्टी नेता करते अहवान
गाते अपना गुण करते जयगान ,

लोग भी गजब मूर्ख बनाते
कुछ देहारी में कुछ बेरोजगारी में
कुछ समर्थन में कुछ लचारी में
इकट्ठा हो शोर मचाते,

रेला रैली आज परेशानी का सबब बन गया
शक्ति प्रदर्शन का एक अदब बन गया
वे वजह ही संसाधन बर्बाद हो रहा
पुरे समाज पर कुछ लोगों का अधिकार हो रहा

आज यही साधन-संसाधन सही जगह पर व्यय होता
सोचो आज मेरा देश कहा होता।
रेला है भाई रैली है
सभी जगह धकमपेली है ।
नरेन्द्र कुमार–

10 Comments

  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 15/07/2016
    • नरेन्द्र कुमार नरेन्द्र कुमार 15/07/2016
  2. C.M. Sharma babucm 15/07/2016
  3. mani mani 15/07/2016

Leave a Reply